असम में भी उत्तर प्रदेश की तरह हो रहा अपराधियों का एनकाउंटर

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हिमंत बिस्‍व सरमा के नेतृत्व में असम के नई सरकार लगातार आक्रामक रवैया अपना रही है। आक्रमक फैसलों के अलावा अब वहां क्राइम को लेकर भी सख्त नीति अपनाई जा रही है। यही कारण है कि पिछले 2 महीने में हिरासत से भागने की कोशिश मामले में 34 संदिग्ध उग्रवादियों और अपराधियों को पुलिस ने गोली मार दी। 34 में से 15 की मौत हो गई जबकि 19 घायल हुए। इनमें ऐसे अपराधी शामिल हैं जो शूटिंग की घटना के साथ साथ बलात्कार, हत्या, नशीली दवाओं की तस्करी, मवेशी तस्करी और डकैती सहित अलग-अलग मामले में जेल में थे। इनमें दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी यूनाइटेड, पीपुल्स रिवॉल्यूशनरी फ्रंट और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के 10 आतंकवादी भी शामिल हैं। राज्य में नशीली दवाओं की तस्करी के सिलसिले में लगभग 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इसी को लेकर अब पुलिस सख्त होती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार पशु तस्करी के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है। पुलिस को पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से छूट दी गई है। पशु तस्करी के मामले में अब तक 504 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें से चार ने भागने की कोशिश की थी। सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर गिरफ्तारियां उस इलाके में हुई जहां अल्पसंख्यक ज्यादा है। इसको लेकर अब राज्य में राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष मुठभेड़ों की बढ़ती संख्या को लेकर हमलावर हो गया है। सरकार पर नित्य नए-नए आरोप लगा रहा है। विपक्ष का दावा है कि हिमंत बिस्‍व सरमा के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद असम पुलिस क्रूर हो गई है।

कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया है कि राज्य का आने वाला भविष्य खतरनाक हो सकता है। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपील की कि वे लोगों में सख्त संदेश देने की कोशिश करें कि सदन किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ है। भले ही विपक्ष पुलिस की कार्रवाई को क्रूर बता रहा हो लेकिन मुख्यमंत्री ने तो विधानसभा में डीजीपी को बधाई देते हुए कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान असम पुलिस बढ़िया काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस निर्दोष को प्रताड़ित नहीं करें लेकिन जहां तक कानून के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात है तो उसके लिए उन्हें पूरी छूट है। हिमंत ने आगे कहा कि राज्य का मुख्यमंत्री होने के नाते मैं पूरी जिम्मेदारी से कहना चाहता हूं कि गौ तस्करी, मादक पदार्थों का कारोबार, मानव तस्करी, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध और हर अपराध के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है और इनमें धर्म और जात से परे जाकर निपटा जाएगा। हेमंता ने यह भी कहा कि अपराधियों को यह बात समझना होगा कि वर्तमान में मजबूत सरकार है जो आत्मविश्वास से भरी हुई है। भागने और हमला करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में देखे तो हिमंत बिस्‍व सरमा उसी रास्ते पर चल रहे हैं जिस रास्ते पर लगातार योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में चलते रहे। उत्तर प्रदेश में भी अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश है जिसमें हमने देखा कि किस तरह से उत्तर प्रदेश में भी एनकाउंटर की खबरें लगातार आती रहीं।

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