आखिर क्यों जेल से बाहर आना चाहते हैं बाबा राम रहीम

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kaumi Guldasta News: रोहतक के सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम की पैरोल पर अभी सस्पेंस बरकरार है. दो-दो साध्वियों से बलात्कार करने के जुर्म में 20 साल की सज़ा काट रहे सज़ायाफ्ता कैदी बाबा राम रहीम को सुनरिया जेल के जेलर, हरियाणा के जेल मंत्री और पूरी हरियाणा सरकार जेल से बाहर लाना चाहती है. जानते हैं क्यों? क्योंकि हरियाणा में चुनाव है. और बाबा के भक्त एक बड़ा वोट बैंक.

जिस सुनरिया जेल में बाबा बंद है, उस जेल के जेलर ने तो बाकायदा बाबा को अच्छे चाल-चलन का सर्टिफिकेट भी दे दिया है. वैसे सबसे कमाल की बात है वो वजह जिसके लिए बाबा जेल से बाहर आना चाहते हैं. बाबा का कहना है कि वो खेती करना चाहते हैं. यही वजह है कि बाबा की तरफ से पैरोल के लिए आवेदन किया गया है.

पैरोल. आसान लफ्जों में कहें तो इसका मतलब होता है किसी कैदी की एक खास मुद्दत के लिए सशर्त रिहाई. ठीक वैसे ही जैसे मुकदमा चलने के दौरान आरोपी ज़मानत का हकदार होता है. वैसे ही सज़ा के एलान के बाद सजाय़ाफ्ता कैदी पैरोल का. लेकिन किसी भी कैदी को यूं ही पैरोल नहीं मिल सकती. इसके लिए कुछ खास वजहें होनी चाहिए.

कुल मिलाकर बाबा कोशिश तो बहुत कर रहा है, मगर जेल से उसे पनाह नहीं मिल पा रही है.. लिहाज़ा बाहर आने के लिए रोहतक की सुनरिया जेल के कैदी नंबर 1997 पेरोल जैसे तरीके अपना रहा है. क्योंकि सीधे तरीके से तो वो जेल से बाहर आने से रहा.

बाबा को साध्वियों से बलात्कार के मामले में बीस साल की सज़ा मिली हुई है औऱ पत्रकार रामचंद्र प्रजापति के कत्ल के इलज़ाम में उम्र कैद की सज़ा. यानी सीधे तरीके से जब तक बाबा जेल से निकलेंगे उनकी कमर झुक चुकी होगी.

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