केन्द्र सरकार तानाशाही रवैये को लेकर देश के किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती हैः आज़ाद अली

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केंद्र सरकार के मौजूदा किसान विरोधी काले बिल के खिलाफ देश भर के मेहनकश अन्नदाता सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब, यूपी, हरियाणा और अब उत्तराखंड के किसान कोरोना महामारी के बीच जान जोखिम में डाल कर आज भारत बंद जैसे कदम उठाने को मजबूर है और इसका सेहरा सीधे केंद्र की जन विरोधी किसान विरोधी सरकार के सर बंधा है। आज देश का करोड़ों किसान अपने अंधेरे भविष्य की इबारत लिखने वाले काले विधेयक का विरोध कर भाजपा सरकार को चेतावनी दे रहा है कि सवा सौ करोड़ देशवासियों का पेट भरने वाले किसानों को अगर मोदी सरकार छेड़ेगी तो देश की जागरूक जनता ऐसे तानाशाही सरकार को छोड़ेगी नही।

आज उत्तराखंड का सीधा साधा किसान अपनी खेती किसानी छोड़ आंदोलन के लिए सड़कों पर आने को मजबूर है और प्रदेश सरकार बिल के समर्थन में अपनी ही पीठ थपथपा रही है। ऐसे हालात में विकासनगर, सहसपुर में भी केंद्र सरकार के किसान विरोधी बिल के विरोध में आंदोलन शुरू हो चुका है जिसमें तमाम स्थानीय संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और जनता आज इन मजबूर किसानों के साथ खड़ी है।ऐसे में एक जन कार्यकर्ता और सहसपुर विधानसभा का हितैषी होने के नाते मैं भी अपना पूरा समर्थन और सहयोग अपने किसान भाइयों को दे रहा हूँ। मेरी जब भी जहां भी मेरे किसान भाइयों को ज़रूरत होगी मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा।

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