कोरोना की दवा ईजाद करने के दावे से पलटी दिव्य योग फ़ार्मेसी

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देहरादून: कोरोना की दवा बना लेने के दावे को लेकर मचे बवाल के बीच बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की दिव्य योग फ़ार्मेसी ने नोटिस का जवाब देने में समय नहीं लगाया लेकिन इसके उलट इस जवाब की समीक्षा राज्य का आयुष विभाग तीन दिन बाद भी नहीं कर पा रहा है. सोमवार को भी आयुष मंत्री और सचिव समेत विभाग इस पर मंधन करता रहा लेकिन कोई भी कुछ भी साफ़ तौर पर बोलने को तैयार नहीं हुआ. फ़ार्मेसी ने सभी सवालों के जवाब न में दिए और कोरोना की दवा ईजाद करने का भ्रामक प्रचार करने का आरोप मीडिया पर ही मढ़ दिया.

ड्रग कंट्रोलर का नोटिस

बता दें कि बीते मंगलवार को बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कोरोना की दवा ‘कोरोनिल’ खोज लेने के दावे के बाद देश भर में हड़कंप मच गया था और केंद्र सरकार ने दिव्य योग फ़ार्मेसी और राज्य सरकार से इस मामले में सफ़ाई मांगी थी. उत्तराखंड के आयुष विभाग ने दिव्य योग फ़ार्मेसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था जिसका जवाब फ़ार्मेसी ने शुक्रवार को ही दे दिया था.

बाबा रामदेव की दिव्य योग फ़ार्मेसी को स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने तीन बिंदुओं पर नेाटिस भेजा था. पहला बिंदु था कि फ़ार्मेसी ने किस आधार पर कोरोना की दवा बनाने का दावा किया? दूसरा फ़ार्मेसी ने कोरोना किट नाम बिना परमिशन के कैसे रख लिया? तीसरा, जो कोरोनिल टेबलेट बनाई गई है उसके लेबल पर कोरोना वायरस का छायाचित्र कैसे बना लिया?

3 दिन से फ़ैसला नहीं ले पा रहा विभाग

दिव्य योग फ़ार्मेसी ने इन तीनों सवालों का जवाब दे दिया है. फ़ार्मेसी का कहना है कि उन्होंने कोरोना की दवाई बनाने का कोई दावा नहीं किया, मीडिया ने इसका भ्रामक प्रचार किया. फ़ार्मेसी ने दवाई के लेबल पर वायरस का कोई छायाछित्र नहीं बनाया है. इसके अलावा फ़ार्मेसी ने कोरोना किट नाम रखे जाने से भी इनकार कर दिया है.

शुक्रवार को आए इस जवाब पर राज्य का आयुष विभाग तीन दिन बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाया है. सोमवार को भी विभागीय अफसरों से लेकर सचिव और मंत्री तक समीक्षाओं का दौर चलता रहा लेकिन कोई खुलकर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया.

आयुष मंत्री हरक रावत का कहना है कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय से बातचीत हो रही है. केंदीय आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन मिलने पर ही कुछ फैसला लिया जाएगा.

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