क्या कोरोना वायरस का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है?

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ऋषिकेश: उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन व्यवसाय का बड़ा महत्व है. देवभूमि की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक पर्यटन पर निर्भर करती है और यह रोजगार का बड़ा आधार भी है लेकिन कोरोना वायरस से यह आधार भी हिलता लग रहा है. कोरोना वायरस का असर हाल ही में ऋषिकेश में हुए योग फेस्टिवल पर भी दिखा था. ऐसे में अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा पर कोरोना वायरस के असर की आशंका से व्यापारी चिंतित हैं.

तैयारी का समय

ऋषिकेश चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार है यानी यहीं से चार धाम यात्रा का शुभारंभ होता है. ऋषिकेश को चारों धामों के व्यापारियों के लिए होलसेल मार्केट के रूप में भी जाना जाता है जहां से पूरे पहाड़ के लिए अनाज और दूसरी वस्तुओं को भेजा जाता है.

चार धाम यात्रा अप्रैल से शुरू होनी है और यही वह समय है जब व्यापारी उसकी तैयारी शुरू कर देते हैं. दरअसल एक महीने पहले से ही व्यवसायी इसकी तैयारियां शुरू कर देते हैं, ताकि यात्रा शुरू होने के बाद किसी चीज की कमी न पड़े.

कोरोना का खतरा

लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका और इसके उत्तराखंड में महामारी घोषित होने के बाद असमंजस की स्थिति बनी हुई है. व्यापार जगत के साथ ऋषिकेश वासियों को भी बेसब्री से इस यात्रा का इंतजार रहता है.

अब जबकि चार धाम यात्रा शुरू होने में एक महीने का ही समय बचा है, कोरोना वायरस का पर्यटन उद्योग को बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है. पर्यटन चाहे धार्मिक ही क्यों ने हो ऐहतियात तो उसमें भी बरतनी ही होगी और देश, दुनिया भर से लाखों की संख्या में आने वाले यात्रियों से इस वायरस के फैलने की आशंका को खारिज तो नहीं ही किया जा सकता.

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