चारधाम एक्ट पर 29 जून से फाइनल सुनवाई करने जा रहा हाईकोर्ट

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नैनीताल: बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री समेत पहाड़ के प्रमुख मंदिरों का नियंत्रण सरकारी हाथ में देने वाले चारधाम स्थानम एक्ट पर अब उत्तराखंड हाईकोर्ट 29 जून से फाइनल सुनवाई करने जा रहा है. नैनीताल हाईकोर्ट में सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट रूप में कहा कि उनका एक्ट एकदम सही है और किसी के अधिकारों को खत्म नहीं करता है. सरकार के जवाब के बाद अब याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समय मांगा है कि एक हफ्ते उनको प्रति शपथपत्र दाखिल करने के लिए दिया जाए. इस एक्ट को बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

चरा धाम देवस्थानम बोर्ड गठन

बता दें कि उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत कैबिनेट ने 27 नवंबर, 2019 चार धाम श्राइन बोर्ड के गठन को मंज़ूरी दी थी. चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों ने इसका विरोध किया और उन्हें विपक्षियों का साथ भी मिला था. हालांकि इसका कोई असर नहीं हुआ था और प्रचंड बहुमत की सरकार ने आसानी से चार धाम देवस्थानम बोर्ड विधेयक को पास करा लिया था. राज्यपाल की अनुमति मिलने से यह कानून भी बन गया था.

गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर समिति और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस इस विधेयक को हाईकोर्ट में चुनौती भी दी थी लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के चलते हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई शुरु होते ही थम गई थी. इधर बेहद सीमित मात्रा में चार धाम यात्रा शुरु हो गई और चार धाम देवस्थानम बोर्ड ही इसका संचालन कर रहा है.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिता के माध्यम से इस बोर्ड के गठन को चुनौती दी है. उन्होंने राज्य सरकार के कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के 2014 के आदेश का उल्लंघन बताया है. याचिका में कहा गया है कि सरकार को मन्दिर चलाने का कोई अधिकार नहीं है, मन्दिर को भक्त या फिर उनके लोग ही चला सकते हैं. इसलिए सरकार के कानून को निरस्त किया जाए.

इस मामले में शामिल होते हुए देहरादून की संस्था रूलक ने कहा है कि सरकार का कानून एकदम सही है और यह हिन्दू धार्मिक भावनाओं का हनन नहीं करता है, न ही संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है. इस मामले पर आज सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद अब याचिकाकर्ताओं ने प्रति-शपथपत्र दाखिल करने का समय मांगा है, जिसके बाद 29 जून से हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम सुनवाई करेगा.

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