‘जन आकांक्षा रैली’ के बहाने अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी कांग्रेस

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कांग्रेस बिहार में ‘जन आकांक्षा रैली’ के बहाने अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है. इसके तहत ही पार्टी ने 30 साल बाद आज पटना के गांधी मैदान में रैली का आयोजन किया. इस रैली में राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के अन्य नेता शामिल हुए. इस रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने बजट में किसानों के लिए की गई घोषणाओं को उनका अपमान बताया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों के लिए तो खूब पैसे देती है, लेकिन किसानों को 17 रुपये देती है. यह किसानों का अपमान है.

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है. मोदी कहते हैं कि हर आदमी को 15 लाख देंगे, लेकिन यहां कोई ऐसा है जिसे मिला है. उन्होंने कहा कि बिहार में विपक्ष की सरकार आने वाली है. इसके गहरे कारण हैं. मोदी जी जहां जाते हैं बड़े बड़े वादे कर जाते हैं. नीतीश जी की भी यही आदत है. लेकिन वादे पूरे नहीं किए जाते हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान को 17 रुपये देना उनका अपमान करना है.

तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा की. बीजेपी के नेताओं ने कहा कि ऐतिहासिक निर्णय लिया है, और पांच मिनट तक उन्होंने धड़ाधड़ तालियां बजाईं. किसानों के लिए उन्होंने ऐतिहासिक काम किया. मोदी जी यूं ताली बजा रहे हैं. पता है उन्होंने क्या ऐतिहासिक काम किया है? किसानों को 17 रुपये दिए और किसान के परिवार के लिए दिन के साढ़े तीन रुपये दिए…तो मोदी जी की सरकार ने किसानों को ये दिए और बीजेपी के मंत्री धड़ाधड़ संसद में ताली बजाते हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार अंनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये देती है, नीरव मोदी को 35 हजार करोड़ रुपये और विजय माल्य को 10 हजार करोड़ देती है, लेकिन हिन्दुस्तान के किसानों को साढ़े तीन रुपये देती है. मोदी सरकार का यही ऐतिहासिक फैसला है? राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने देशवासियों से 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन किसी के खाते में ये पैसे आए क्या? मोदी सरकार ने 17 रुपये देकर किसान का अपमान किया है.

बिहार को फिर गौरवशाली बनाएंगे

राहुल गांधी ने कहा कि मैं झूठा वादा नहीं करता. आज पटना यूनिवर्सिटी की हालत खराब है. हम सत्ता में आते ही पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देंगे. उन्होंने कहा कि पहले बिहार शिक्षा का केंद्र होता था, आज बेरोजगारी का केंद्र है. आप गुजरात जाते हो, महाराष्ट्र जाते हो तो बीजेपी के लोग आपको मार कर भगाते हैं. हम बिहार को फिर गौरवशाली बनाएंगे.

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले हरित क्रांति पंजाब-हरियाणा से शुरू हुई थी, अब मैं चाहता हूं कि अगली हरित क्रांति राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में हो और इसमें बिहार का नाम भी शामिल हो. मैंने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को कह दिया है कि किसान के लिए फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाइए. अगर आप हमें मौका दोगे तो हम बिहार के किसानों को भी समृद्ध बनाएंगे.

तेजस्वी बोले-राहुल गांधी बनेंगे PM

वहीं तेजस्वी यादव ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि किस तरह से सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना है. क्योंकि सबको मिलकर बीजेपी को हराना है. इस दौरान तेजस्वी यादव मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि मेरे पिता शेर हैं. वह उनकी (बीजेपी) गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं. राजद नेता ने कहा कि लोग हमसे पूछते हैं कि आप राहुल गांधी को पीएम के तौर पर स्वीकार करेंगे. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के योग्य हैं. वह योग्य नेता है. लेकिन उन्हें सहयोगियों को लेकर कैसे चलना है, इसकी भी उनकी जिम्मेदारी है.

गौरतलब है कि मंच पर पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए. इसके बाद वह मंच पहुंचे, जहां बिहार कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं ने उनका स्वागत किया.

बता दें कि 30 साल बाद कांग्रेस ने पटना में अपने बलबूते इस रैली का आयोजन किया था. इससे पहले 1989 में कांग्रेस के दिवंगत नेता राजीव गांधी ने इसी गांधी मैदान में रैली का आयोजन किया था. कांग्रेस ने इस रैली को कामयाब बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. पटना की सड़कों और चौराहों को पोस्टरों व बैनरों से पाट दिया गया. कांग्रेस के विधायक से लेकर बिहार के कई विपक्षी सांसद इस रैली को सफल करने में जुटे रहे.

कांग्रेस की रणनीति

आम चुनाव 2019 में अब बहुत थोड़ा वक्त बचा है. कांग्रेस बिहार में महागठबंधन के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश की जोड़ी को शिकस्त देने के लिए बिसात बिछा रही है. बीजेपी और जेडीयू ने पहले ही 17-17 सीटों पर बंटवारा करके अपनी चाल चल दी है. अब कमान राहुल के पास है. राहुल नई रणनीति के साथ मैदान में हैं. रैली की कामयाबी कांग्रेस के लिए एक साथ कई मोर्चों पर मददगार होगी. लिहाजा पार्टी के 27 विधायकों ने पूरी ताकत झोंक दी है. इससे न सिर्फ बिहार में मतदाताओं को एक नया संदेश जाएगा बल्कि सहयोगियों के साथ सीटों की सौदेबाजी में भी ताकत बढ़ेगी. इस शक्ति प्रदर्शन पर एनडीए की निगाहें तो जमी ही है. लेकिन साथ ही महागठबंधन के दलों की नजरें टिकी हैं. दरअसल कांग्रेस का जनाधार लौटा तो उसका सीधा असर विरोधियों के साथ ही सहयोगी दलों पर भी पड़ेगा.

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