महाराष्‍ट्र के राज्यपाल कोश्यारी के विवादास्पद पत्र पर बोले शाह, कहीं यह बात

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महाराष्‍ट्र के राज्यपाल कोश्यारी के विवादास्पद पत्र पर बोले शाह- ऐसे शब्दों के चयन से बचा जा सकता था

मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के उद्धव को ‘आप सेकुलर हो गए हैं’ वाले विवादास्पद पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्दों का चुनाव करने से बचा जा सकता था। अमित शाह ने कहा। अमित शाह ने कहा, ‘देखिए मैंने पत्र पढ़ा है, एक पासिंग रेफरेंस उन्होंने दिया है, मगर मुझे भी लगता है कि थोड़ा शब्दों का चयन ज्यादा ठीक होता तो ज्यादा बेहतर होता। लेकिन मेरा यह भी मानना है कि वह (गवर्नर) उन विशेष शब्दों के चयन से बच सकते थे’।

बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में कोविड-19 महामारी की वजह से बंद धार्मिक स्थलों को खोलने का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था और शिवसेना प्रमुख से पूछा कि क्या वह अचानक सेकुलर बन गए हैं। ठाकरे ने कोश्यारी के पत्र के जवाब में कहा कि वह धार्मिक स्थलों को खोलने के अनुरोध पर विचार करेंगे । उन्होंने साथ ही कहा कि ‘मुझे अपने हिन्दुत्व’ के लिए राज्यपाल के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।

राज्य में उपासना स्थलों को खोलने को लेकर कोश्यारी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखने पर शिवसेना ने पलटवार करते हुए कहा था कि शिवेसना का हिंदुत्व दृढ है और मजबूत बुनियाद पर टिका है तथा उसे इस पर किसी से पाठ की जरूरत नहीं है। पार्टी नेता संजय राउत ने कहा, ‘कोश्यारी राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं। उन्हें यह देखना है कि राज्य में शासन संविधान के अनुसार चल रहा है या नहीं। बाकी बातों के लिए लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार है। वह निर्णय लेती है।’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में शिकायत की कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने के सिलसिले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में ‘असंयमित भाषा’ का इस्तेमाल किया। मोदी को लिखे पत्र को जारी करने के बाद पवार ने ट्वीट किया, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि माननीय राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को ऐसा पत्र लिखा है जैसे किसी राजनीतिक पार्टी के नेता को लिखा गया हो’।

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