शिक्षक दिवस: टीवी कलाकारों ने कोविड-19 महामारी से मिले सबक को साझा किया

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मुंबई: शिक्षक दिवस के अवसर पर यानी 5 सितंबर को कई टीवी कलाकारों ने चल रहे महामारी के दौरान जीवन में मिले महत्वपूर्ण सबक साझा किए। अभिनेता नमिश तनेजा ने कहा, “मुझे सीख मिली कि इन दिनों हम जो जिंदगी जी रहे हैं वह बहुत तेज भाग रही है और महामारी हर चीज को ठहराव तक ले आई। हम अपने दैनिक जीवन में इतने तल्लीन थे, कि हम आम तौर पर पूरी जिंदगी के रूप में उसकी उपेक्षा करते थे। इस दौर ने मुझे धैर्य रखना सिखाया।”उन्होंने आगे कहा, “लॉकडाउन ने मुझे वर्तमान में जिंदगी को खुल कर जीना सिखाया और किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना भी सिखाया, क्योंकि जीवन अप्रत्याशित है। इसने मुझे वर्तमान में जीना सिखाया। इसने मुझे अपने भविष्य को बनाने के दौरान अपने आज को खराब नहीं करने की सीख दी। और अंत में खुशी के साथ जिंदगी बिताने की सीख दी।”

अभिनेत्री स्नेहा वाघ का भी कुछ ऐसा ही कहना। उन्होंने कहा, “हालांकि यह कई लोगों के लिए एक कठिन परिस्थिति है और कई के लिए यह अवरोधक की तरह लग सकता है, लेकिन मुझे महामारी ने अधिक विनम्रता और दयालुता के साथ हर किसी के साथ बात करना, अच्छा व्यवहार और उनसे अच्छे से पेश आना सिखाया है। मैं यह सुनिश्चित करती हूं कि मैं सभी से अच्छा व्यवहार करूं, क्योंकि हम में से कोई नहीं जानता कि सामने वाला किस तकलीफ से गुजर रहा है। इसके लिए सहानुभूति अधिक मायने रखती है।”

अभिनेत्री टीना फिलिप ने अच्छे खाने जैसी सरल चीजों को महत्व देना सीख लिया है। उन्होंने कहा, “इसके अलावा अच्छा स्वास्थ्य और मेरे सिर पर छत है, उसके लिए भी आभारी हूं। बहुत सारे लोग बढ़ते किराए के कारण मुंबई छोड़ गए, लेकिन मैं आभारी हूं कि मुझे संकट के इस समय के दौरान काम करने का मौका मिला है। मैं बहुत धन्य महसूस करती हूं। इस साल, मुझे लगता है कि महामारी हर किसी की शिक्षक रही है और उसने सभी को कुछ न कुछ जीवन के सबक सिखाए हैं।”लॉकडाउन से मिली सीख को साझा करते हुए अभिनेता राहुल शर्मा ने कहा, “इसने मुझे धैर्य रखना और मानसिक रूप से मजबूत होना सिखाया। मैंने सीखा कि खुद को जानना और दूसरों के साथ ही नहीं, बल्कि खुद के साथ भी समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है। इसकी वजह से मुझे मेरे कई सवालों के जवाब मिले कि हम जिंदगी में कई सारे काम क्यों करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि आत्म-ज्ञान प्राप्त करना पूरी दुनिया को प्राप्त करने जैसा है। इसलिए, मैंने आत्मज्ञान प्राप्त किया और अपने बारे में जानना शुरू किया। वहीं क्रिएटिविटी के परि²श्य से मैंने अपना यूट्यूब चैनल खोला और वहां अपनी कविताओं और कहानियों को प्रदर्शित किया।”

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