UP: छत्रपति शिवाजी की वीरता के किस्से बयां करेगा ये म्यूजियम
ताजमहल पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम के पास शिवाजी म्यूजियम का निर्माण कार्य 15 अगस्त से दो शिफ्ट में होगा। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने म्यूजियम की बिल्डिंग का निरीक्षण किया। यूपी राजकीय निर्माण निगम, टाटा प्रोजेक्ट्स व पर्यटन अधिकारियों को शुक्रवार से कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2016 में मुगल म्यूजियम का शिलान्यास किया था। तब इसकी लागत 141 करोड़ थी। 2017 में भाजपा सरकार में काम बंद हो गया। 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर शिवाजी म्यूजियम रख दिया। अब लागत 197 करोड़ रुपये पहुंच गई है। 90 करोड़ रुपया ढांचा निर्माण पर खर्च हो चुका है। मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान म्यूजियम में बनने वाली प्रदर्शनी, कैफेटेरिया, हॉल व पार्किंग आदि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। परिसर में साफ-सफाई और मानव संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, त्वरित गति से कार्य और लापरवाही नहीं बरतने के अधीनस्थों को निर्देश दिए।
जमीन के लिए मिले 1.50 करोड़
ताजमहल के पास शिवाजी म्यूजियम बनेगा। कोठी मीना बाजार में शिवाजी स्मारक बनेगा। शिवाजी स्मारक के लिए कोठी सहित 2946 वर्ग मीटर भूमि अधिगृहीत करने के लिए डीएम आगरा ने 9.46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे स्वीकृति मिल गई। प्रथम किस्त के रूप में 1.50 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार जमीन खरीदेगी। जबकि छत्रपति शिवाजी स्मारक और प्रतिमा महाराष्ट्र सरकार लगाएगी।