UP: विभाजन को बनाया हथियार, हिंदुत्व और कानून-व्यवस्था से दी धार
पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म आधारित देश विभाजन पर जमकर बरसे। करीब 30 मिनट के भाषण का आधा हिस्सा इसी पर फोकस रहा। वह विपक्ष पर भी हमलावर रहे। साथ ही, विकास, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, कानून-व्यवस्था आदि को एक साथ पिरोया। भाषण के केंद्र में जितना विकास था, उतना ही विपक्ष को घेरने और 2027 के विधानसभा चुनाव का माहौल बनाने का प्रयास दिखा।
मुख्यमंत्री ने विकास को भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। मेडिकल कॉलेज, गंगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-शामली आर्थिक कॉरिडोर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, पर्यटन, सड़क और स्वास्थ्य परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि डबल इंजन सरकार केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर काम कर रही है। स्थानीय सांसद, मंत्री, विधायकों का नाम लेकर क्षेत्र स्तरीय भाजपा की सरकार का लाभ मिलने का जिक्र किया। भाषण का दूसरा बड़ा केंद्र विस्थापित हिंदू परिवारों को नागरिकता और भूमि का अधिकार दिलाने का मुद्दा रहा। मुख्यमंत्री ने इसे मानवीय और राजनीतिक दोनों रूपों में साझा किया। कहा, दशकों पहले प्रताड़ित होकर आए परिवारों को अब स्थायी पहचान मिली है। इस मुद्दे से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और भाजपा के राष्ट्रवादी एजेंडे को स्थानीय संदर्भ से जोड़ने की कोशिश की।
