Uttarakhand : आचार संहिता उल्लंघन के दोषी नहीं हैं हरक सिंह रावत

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रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग में वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन मामले में वन मंत्री हरक सिंह रावत को बड़ी राहत मिली है. रुद्रप्रयाग अपर जिला जज ने वन मंत्री हरक सिंह रावत को 2012 विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन मामले में दोषमुक्त मानते हुए बरी कर दिया है. इसी मामले में बीते 10 नवंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वन मंत्री हरक सिंह रावत को धारा 143 का दोषी मानते हुए तीन माह के कारावास व 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी. इसी मामले में मंत्री हरक सिंह को कोर्ट में खड़े रहने की भी सजा मिल चुकी है, जिसमें जमानत के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ हरक सिंह रावत ने जिला जज के कोर्ट में अपील की थी. जिला जज ने इस मामले को अपर जिला जज की अदालत को हस्तांतरित कर दिया था. जिसमें अब अपर जिला जज ने उन्हें दोषमुक्त मानते हुए बरी कर दिया है.

यह था मामला
आपको बता दें कि वर्ष 2012 में मंत्री हरक सिंह ने रुद्रप्रयाग विधानसभा से चुनाव लड़ा था. चुनाव के दौरान हरक सिंह पर आचार संहिता उल्लंघन व सरकारी कर्मचारी से बदसलूकी का आरोप लगा था और मुकदमा दर्ज किया गया था. तब से यह मुकदमा रुद्रप्रयाग जिला न्यायलय की अदालत में चल रहा था. राज्य सरकार द्वारा इस मुकदमे में पहले ही विड्रा किया जा चुका है, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में हरक सिंह को धारा 143 में दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी. इसी मामले को लेकर मंत्री हरक सिंह रावत कई बार चर्चाओं में भी रहे. एक बार तो मंत्री हरक सिंह को कोर्ट में खड़े रहने की भी सजा मिल चुकी है.

हरक सिंह ने कहा – न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा
वही मामले में बरी होने के बाद हरक सिंह ने कहा कि उनका इस मामले में कोई दोष नहीं था. प्रशासन ने केवल शान्ति व्यवस्था बनाने के लिए उन पर मुकदमा दर्ज कर दिया था. उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था. इस मामले में जिन लोगों ने भी उनका साथ दिया, उनको हरक ने शुक्रिया कहा है.

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