दिल्ली की घटना पर केशव मौर्य ने कहा, ऐसा उपद्रव मचाने वाले किसान नहीं हो सकते
प्रयागराज: दिल्ली में किसान आंदोलन के नाम पर 26 जनवरी को हुई हिंसा और अराजकता को लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि दिल्ली में जो कुछ हुआ वह किसान नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा है कि कोई देशभक्त भी ऐसा नहीं कर सकता है. ऐसा कृत्य शैतान किस्म के और देश विरोधी लोग ही कर सकते हैं. डिप्टी सीएम ने कहा है कि किसान आंदोलन में हुई हिंसा और अराजकता की पूरा देश निंदा कर रहा है और मैं भी कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं.
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह से समर्पित है और लगातार बातचीत का क्रम भी जारी था. ट्रैक्टर मार्च की किसानों ने अनुमति ली थी लेकिन शर्तों के साथ मार्च निकालने की अनुमति दी गई. किसानों के बीच में घुसे अराजक तत्वों ने उसका उल्लंघन किया और गुंडागर्दी दिखाते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का काम किया गया. डिप्टी सीएम ने कहा है कि इसके लिए किसानों को जिन लोगों ने आश्वासन दिया, वह लोग ही पूरी तरह से इसके लिए जिम्मेदार हैं. डिप्टी सीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों ने किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर यह काम किया है. जो विपक्षी दल भाजपा की बढ़ती हुई ताकत और पीएम मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं उन्होंने किसानों से अराजकता और हिंसा करवाई है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण में जो लोग भी दोषी होंगे, सरकार कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा है कि अराजकता कभी भी कहीं पर भी हो बर्दाश्त नहीं की जा सकती है.
बसपा सुप्रीमो मायावती के ट्वीट पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने की बात नहीं थी. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई कानून अगर बना है और अगर उसमें कोई खामियां हैं तो उसमें सुधार किया जा सकता है. उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में लोगों को लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन देश के राष्ट्रीय पर्व के दिन इस तरह की अराजकता का अधिकार किसी को नहीं है. उन्होंने एक बार फिर से कहा है कि यह किसानों का आंदोलन नहीं था और इसके पीछे जो भी ताकतें थी उनके खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करेगी.