Ujjain Mahakal: श्रावण मास के पहले दिन एक घंटे पहले जागे महाकाल

देशभर में आज से भगवान शिव के प्रिय सावन माह की शुरुआत हो गई है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार को सावन मास के पहले दिन भगवान महाकाल भक्तों के लिए एक घण्टा पहले जागे। रात तीन बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद पुजारी, पुरोहितों ने जलाभिषेक किया। इस दौरान भगवान महाकाल का श्रृंगार कर भस्मआरती की गई। हजारों श्रद्धालुओं ने चलायमान भस्मारती व्यवस्था के तहत दर्शन लाभ लिया। मंगलवार सुबह भस्मारती के पूर्व भगवान महाकाल का जल से स्नान कराने के बाद भांग, अबीर, चन्दन से श्रृंगार कर मस्तक पर तिलक, आभूषण और नवीन वस्त्र अर्पित किए गए। महानिर्वाणी अखाड़ा महंत द्वारा भस्म अर्पित की गई। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। भगवान शिव को ये महीना अति प्रिय है। मान्यता है कि चातुर्मास के समय जब भगवान विष्णु शयन के लिए जाते हैं, तो सृष्टि संचालन का महादेव के पास आ जाता है। सावन मास में भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा की जाती है।

महाकाल दर्शन करने आये श्रद्धालु की मौत 
बाबा महाकाल के दर्शन करने आया श्रद्धालु सुबह अचानक गश खाकर गिर गया। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। महाकाल थाना पुलिस ने मामला जांच में लिया है। बताया जा रहा है कि राजस्थान के प्रतापगढ़ से 20 श्रद्धालुओं का दल महाकाल दर्शन करने उज्जैन आया था। सुबह बाबा के दर्शन के बाद सभी मंदिर से बाहर आये थे। जहां दुकान पर चाय-नाश्ता कर रहे थे। दल में शामिल गौतम पिता रामलाल मीणा (45) अचानक गश खाकर गिर पड़े। उन्हें साथियों ने उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह बेसुध हो चुके थे। उन्हें ऑटो से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महाकाल थाना पुलिस सूचना मिलने पर निजी अस्पताल पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पताल लाया गया। साथ आए साथी शव को प्रतापगढ़ ले गए हैं। पुलिस के अनुसार श्रद्धालु की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आ रही है। जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा।

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