राहुल ने ‘डिनर पॉलिटिक्स’ के जरिए बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सारे प्रयत्न कर रहा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण से लेकर उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक, हर मामले में विपक्ष एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है। हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को अपने आवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था। इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ का मकसद सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करना माना जा रहा है।
राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) पर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने खुद इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता करके चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट की चोरी करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का इरादा इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरना है। इसके बहाने वह संसद में विपक्ष की एकजुटता को भी दिखाना चाह रहे हैं।