आज वसंत पंचमी का गंगा स्नान पर्व है। तड़के से ही लोग स्नान के लिए हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर पहुंचने लगे। आस्था के साथ पहुंचे लोगों ने स्नान दान किया। देव डोलियां लेकर भी कई जगह से श्रद्धालु पहुंचे और देव डोलियों को गंगा स्नान कराया गया।
हिंदू धर्म में कर्णछेदन को महत्वपूर्ण संस्कारों में माना गया है। ज्योतिषीय तिथियों के अनुसार वसंत पंचमी का दिन कर्णछेदन के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण रहते हैं जिसे देवताओं का काल कहा जाता है। उत्तरायण में किए गए संस्कार शुभ और दीर्घकालीन फल देने वाले माने जाते हैं। इसलिए वसंत पंचमी पर कर्णछेदन का प्रचलन बढ़ रहा है। वसंत पंचमी का दिन माता सरस्वती का है। पंडित मोहन गैरोला का कहना है कि इस दिन विद्या आरंभ के साथ कर्णछेदन कराने से बालक की बुद्धि, विद्या और वाणी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मान्यता है कि कर्णछेदन से कानों की विशेष नाड़ियां जागृत होती हैं जिससे मस्तिष्क की ग्रहण क्षमता बढ़ती है। वह बताते हैं कि वसंत पंचमी स्वयं सिद्ध मुहूर्त है।